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श्री अमरनाथजी यात्रा के पारंपरिक पहलगाम मार्ग को लगातार बंद रखने के निर्णय की तत्काल समीक्षा करने हेतु SABLO द्वारा आग्रह

  • 1 day ago
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लुधियाना, 03 अगस्त 2026

श्री अमरनाथ बरफानी लंगर्स ऑर्गेनाइजेशन (SABLO), जो श्री अमरनाथजी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं एवं भंडारा (लंगर) सेवा प्रदाताओं का प्रतिनिधित्व करता है, ने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी को एक विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत कर वर्तमान श्री अमरनाथजी यात्रा के दौरान पारंपरिक पहलगाम मार्ग को निरंतर बंद रखे जाने के निर्णय की तत्काल समीक्षा करने का आग्रह किया है।

इस अभ्यावेदन की प्रतिलिपि माननीय राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, माननीय केंद्रीय गृह मंत्री, जम्मू-कश्मीर के माननीय उपराज्यपाल एवं श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष, वरिष्ठ संवैधानिक प्राधिकारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी तत्काल हस्तक्षेप हेतु प्रेषित की गई है।

SABLO ने अपने अभ्यावेदन में पारंपरिक पहलगाम मार्ग को लगातार बंद रखने पर गहरी चिंता एवं अत्यंत निराशा व्यक्त की है।

SABLO के अध्यक्ष राजन गुप्ता ने सम्मानपूर्वक कहा है कि यद्यपि प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों के कारण दिनांक 19 जुलाई 2026 को पहलगाम मार्ग को अस्थायी रूप से बंद किया गया था, तथापि बालटाल मार्ग पुनः खोल दिए जाने के बावजूद पारंपरिक पहलगाम मार्ग अभी तक बंद रखा गया है।

पहलगाम मार्ग पर कार्यरत विभिन्न भंडारा संगठनों एवं अन्य हितधारकों से प्राप्त निरंतर जानकारी के अनुसार वर्तमान में घोड़ों का आवागमन सामान्य रूप से हो रहा है, फँसे हुए श्रद्धालु सुरक्षित वापस लौट चुके हैं, दुकानें एवं शिविर हटाए जा रहे हैं तथा मार्ग का एक बड़ा भाग वाहनों एवं मशीनरी के आवागमन के लिए भी उपलब्ध है। ऐसी परिस्थितियों में पारंपरिक मार्ग को निरंतर बंद रखने के निर्णय की तत्काल एवं पारदर्शी समीक्षा अत्यंत आवश्यक प्रतीत होती है।

राजन गुप्ता ने यह भी कहा कि ऐतिहासिक रूप से पारंपरिक पहलगाम मार्ग को श्री अमरनाथजी यात्रा का अधिक सुरक्षित एवं स्थिर मार्ग माना जाता रहा है। अतः यदि बालटाल मार्ग श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माना जा सकता है, तो श्रद्धालुओं एवं अन्य हितधारकों के लिए यह समझना कठिन है कि पारंपरिक पहलगाम मार्ग को अब भी बंद क्यों रखा गया है।

संगठन के फकीर चंद वर्मा ने आगे कहा कि इस निरंतर बंदी के कारण केवल हजारों श्रद्धालु ही प्रभावित नहीं हुए हैं, बल्कि यात्रा पर निर्भर समाज के लगभग प्रत्येक वर्ग—जिनमें भंडारा संगठन, घोड़ा संचालक, पिट्ठू एवं पालकी संचालक, टेंट संचालक, परिवहन व्यवसायी, दुकानदार, होटल संचालक तथा जिला अनंतनाग के स्थानीय निवासी शामिल हैं—को भी अत्यधिक आर्थिक एवं आजीविका संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अभ्यावेदन में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में लगभग 60 भंडारे पहलगाम मार्ग पर संचालित हो रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के अभाव के बावजूद प्रतिदिन लगभग ₹50,000 से ₹60,000 तक का संचालन व्यय वहन कर रहे हैं। इस प्रकार सभी भंडारों पर प्रतिदिन लगभग ₹30 लाख का सामूहिक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

संगठन ने अनुरोध किया है कि यदि मार्ग पुनः प्रारंभ नहीं किया जाता है तो प्रभावित भंडारा संगठनों एवं अन्य हितधारकों के लिए उपयुक्त वित्तीय राहत प्रदान करने पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए।

SABLO के मीडिया सचिव पंकज सोनी ने भी चिंता व्यक्त की कि कुछ भंडारा संगठनों ने इस आशंका के कारण अपनी गतिविधियाँ सीमित कर दीं कि उन्हें अनौपचारिक रूप से यह संकेत मिला था कि पारंपरिक मार्ग संभवतः पुनः प्रारंभ नहीं किया जाएगा।

संगठन ने श्राइन बोर्ड से आग्रह किया है कि ऐसी परिस्थितियों में किसी भी भंडारा संगठन के विरुद्ध कोई प्रतिकूल अथवा दंडात्मक कार्रवाई न की जाए, क्योंकि उन्होंने केवल व्याप्त अनिश्चितता एवं किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण के अभाव में ही ऐसा निर्णय लिया था।

श्रावण मास के शुभारंभ, जिसे श्री अमरनाथजी यात्रा के लिए अत्यंत पवित्र एवं महत्वपूर्ण काल माना जाता है, को ध्यान में रखते हुए SABLO ने व्यापक जनहित एवं श्रद्धालुओं के हित में तत्काल निर्णय लेने की अपील की है।

संगठन ने कहा है कि यदि पहलगाम मार्ग सुरक्षित माना जाता है, तो उसे बिना किसी और विलंब के पुनः प्रारंभ किया जाए। अन्यथा यदि वास्तव में प्रशासन का यह मत है कि परिस्थितियाँ अभी भी असुरक्षित हैं, तो समान सुरक्षा मानदंड दोनों मार्गों—बालटाल एवं पहलगाम—पर समान रूप से लागू किए जाने चाहिए।

संगठन द्वारा की गई प्रमुख माँगें

अपने अभ्यावेदन के माध्यम से SABLO ने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड से निम्नलिखित अनुरोध किए हैं:

1. पारंपरिक पहलगाम मार्ग पर जारी प्रतिबंध/निलंबन की तत्काल समीक्षा की जाए।

2. यह स्पष्ट रूप से घोषित किया जाए कि वर्तमान श्री अमरनाथजी यात्रा के दौरान उक्त मार्ग को पुनः खोला जाएगा अथवा नहीं।

3. यदि मार्ग को पुनः खोलने का प्रस्ताव नहीं है, तो इस संबंध में अंतिम निर्णय तत्काल घोषित किया जाए ताकि भंडारा संगठन एवं अन्य हितधारक अनिश्चितता की स्थिति से बाहर निकलकर अपने संचालन को समुचित रूप से समाप्त कर सकें।

4. प्रभावित भंडारा संगठनों एवं अन्य हितधारकों को उपयुक्त वित्तीय राहत प्रदान करने पर विचार किया जाए।

5. भविष्य में ऐसी परिस्थितियों के लिए एक पारदर्शी एवं समयबद्ध निर्णय-निर्माण व्यवस्था स्थापित की जाए।

SABLO ने पुनः स्पष्ट किया है कि उसका यह आग्रह केवल व्यापक जनहित, श्रद्धालुओं के कल्याण तथा पवित्र यात्रा से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका को ध्यान में रखकर किया गया है। संगठन ने आशा व्यक्त की है कि श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड सभी हितधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं संवेदनशील निर्णय शीघ्रातिशीघ्र लेगा।

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