लंगर संगठनों से जबरन अंडरटेकिंग लिए जाने के आरोप, SABLO ने उठाए गंभीर सवाल
लुधियाना, 18 अप्रैल 2026

श्री अमरनाथ बरफानी लंगर्स ऑर्गेनाइजेशन (SABLO) ने श्री अमरनाथजी यात्रा 2026 के लिए लंगर संगठनों को अनुमति देने की प्रक्रिया पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही है और एक विवादित “अंडरटेकिंग” पर दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं।
SABLO के अनुसार, आवेदन की अंतिम तिथि (25 मार्च 2026) के तीन सप्ताह बाद भी न तो चयन मानदंड घोषित किए गए हैं और न ही अनुमति प्रक्रिया की कोई आधिकारिक जानकारी दी गई है। इसके विपरीत, कुछ निजी व्यक्तियों द्वारा NGOs से एक अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर करवाने की जानकारी सामने आई है, जिसे अनुमति के लिए अनिवार्य बताया जा रहा है।
संगठन का कहना है कि उक्त अंडरटेकिंग एकतरफा, दमनकारी एवं संगठनों के अधिकारों के विरुद्ध है। इसमें अनुमति को अस्थायी एवं रद्द करने योग्य बताया गया है, पूर्व सेवाओं के आधार पर कोई अधिकार न मानने तथा किसी भी दायित्व के लिए बोर्ड को पूर्ण क्षतिपूर्ति देने जैसी शर्तें शामिल हैं।
SABLO ने इसे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और वैधता पर प्रश्नचिह्न बताते हुए आरोप लगाया कि NGOs पर दबाव, भय एवं अनुचित प्रभाव डाला जा रहा है। संगठन ने यह भी आशंका जताई कि एक समानांतर एवं अनधिकृत तंत्र इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रहा है।
SABLO की प्रमुख मांगें:
अंडरटेकिंग की वैधता पर तत्काल लिखित स्पष्टीकरण
यदि अधिकृत नहीं है तो जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई
यदि अधिकृत है तो ऐसी शर्तों को तत्काल वापस लिया जाए
पूरी अनुमति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए
SABLO ने कहा कि इस स्थिति से वर्षों से सेवा कर रहे लंगर संगठनों में भय और असमंजस का माहौल बन गया है। संगठन ने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर स्पष्टता प्रदान करने और प्रतिनिधियों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने की मांग की है।





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