भगवंत मान सरकार ने पंजाब के सफाई सेवकों और सीवरमैनों के लिए लिया ऐतिहासिक फैसला, दोगुना किया वेतन: हरजोत सिंह बैंस
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>>>> सफाई सेवकों को गुमराह करने के लिए फैलाए गए थे फर्जी पत्र; भगवंत मान सरकार के फैसलों से हजारों वर्करों को मिलेगा लाभ
>>>>यूनियनों के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद पूरे पंजाब में कूड़ा उठाने का काम फिर से शुरू
>>>>3 साल पूरे करने वाले सभी आउटसोर्स सफाई सेवकों और सीवरमैनों को इन-सोर्सिंग नीति के तहत लाया गया; 1 अगस्त से मिलेगा ₹20,520 का मासिक वेतन
>>>> 2021 में अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर भर्ती किए गए सफाई सेवकों को किया जाएगा पक्का (रेगुलर), बाकी मांगों पर भी बनी सहमति
>>>> यूनियनों ने मुख्यमंत्री के फैसलों का किया स्वागत
>>>>भगवंत मान सरकार ने बरनाला मामले में तुरंत कार्रवाई की; SIT न्याय सुनिश्चित कर रही है, सफाई सेवकों का कल्याण हमारी प्राथमिकता है
चंडीगढ़/लुधियाना, 1 अगस्त

पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने सफाई सेवकों और सीवरमैनों के लिए अपने ऐतिहासिक फैसलों को लागू कर दिया है। इससे पूरे राज्य के सफाई कर्मचारियों के लिए बेहतर वेतन, नौकरी की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के लिए नई शैक्षणिक योग्यताएं अनिवार्य किए जाने का दावा करने वाली अफवाहों को पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया।
शनिवार को मीडिया को संबोधित करते हुए स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "कुछ शरारती तत्व फर्जी पत्र वायरल करके यह गलत अफवाह फैला रहे हैं कि सफाई कर्मचारियों के लिए नई शैक्षणिक योग्यताएं जरूरी कर दी गई हैं। ये दावे पूरी तरह से बेबुनियाद और फर्जी हैं। पंजाब सरकार ने लुधियाना पुलिस को हमारे सम्मानित सफाई सेवकों को गुमराह करने और भड़काने के मकसद से ये फर्जी पत्र तैयार करने और फैलाने वाले दोषियों के खिलाफ जांच के निर्देश पहले ही दे दिए हैं।"
भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों पर रोशनी डालते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा, "तीन साल की सेवा पूरी कर चुके सभी आउटसोर्स सफाई सेवकों और सीवरमैनों को पंजाब सरकार की इन-सोर्सिंग नीति के तहत ले आया गया है। 1 अगस्त से उन्हें प्रोबेशन अवधि के दौरान एक रेगुलर कर्मचारी के बराबर ₹20,520 प्रति माह वेतन मिलेगा। इसमें से लगभग ₹17,000 इन-हैंड (बैंक खाते में) मिलेंगे, जबकि लगभग ₹3,600 प्रति माह उनकी बचत और अन्य लाभों के रूप में जमा किए जाएंगे। इससे कई वर्करों को पहले मिल रहा वेतन लगभग दोगुना हो गया है।"
उन्होंने आगे कहा, "2021 में कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती किए गए सफाई कर्मचारियों को भी पक्का (रेगुलर) किया जाएगा, जिससे भगवंत मान सरकार का एक और बड़ा वादा पूरा होगा।"
सफाई कर्मचारियों की यूनियनों के साथ हुई बैठक के बारे में बोलते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "मैंने लुधियाना में विभिन्न सफाई कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की। हालांकि कुछ मुद्दे खास तौर पर लुधियाना से संबंधित थे और कुछ बाकी पंजाब से, लेकिन यूनियनों ने इन ऐतिहासिक फैसलों के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया है। बाकी मांगों पर भी व्यापक सहमति बन गई है, जिन पर सोमवार को होने वाली एक और बैठक में विचार किया जाएगा।"
यूनियनों द्वारा सफाई सेवाएं फिर से शुरू करने के फैसले पर स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा, "बातचीत के बाद, सभी यूनियनों ने जनहित में पूरे पंजाब में कूड़ा उठाने और सफाई का काम फिर से शुरू करने का फैसला किया है। मैं सभी यूनियनों का उनके सहयोग के लिए धन्यवाद करता हूं। सफाई सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहना बहुत जरूरी है, खासकर मानसून के मौसम में जब बीमारियां फैलने का खतरा अधिक होता है।"
सफाई कर्मचारियों से जुड़ी हाल ही में घटी बरनाला घटना का हवाला देते हुए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तुरंत और सख्त कार्रवाई की है। संबंधित डीएसपी (DSP) को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि संबंधित थाने में तैनात पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया है।"
उन्होंने आगे बताया, "डिविजनल कमिश्नर पटियाला और डीआईजी पटियाला रेंज के नेतृत्व में गठित एक उच्च-स्तरीय विशेष जांच टीम (SIT) ने पहले ही अपनी जांच शुरू कर दी है। बयान दर्ज किए जा रहे हैं, वीडियो सबूतों की जांच की जा रही है, पीड़ितों को मुआवजा दिया गया है, और एसआईटी न्याय सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक और प्रशासनिक दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।"





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